ताजा खबर यह है कि भारत में नियुक्त पाकिस्तान के उच्च आयुक्त को विदेश मंत्रालय में आज दोपहर बुलाया गया है।
आशा करता हूँ कि खुर्शीदजी ऐसा बोले " समझा लो अपने सैनिकों को कि कश्मीर हमारा है, पंगे ना लें।"
मुझे पता है मैंने बहुत बड़ी अपेक्षा रखली है,
होने क्या वाला है यह आपको भी पता है और मुझे भी पता है।
बड़ा शानदार सा भोज होगा, मस्त हिंदुस्तानी मुर्गे खिलाये जाएंगे छोटे भाइयों को,
भारतीय हाईकमान बोलेगा कि "भाई हम आपकी सेना द्वारा हमले का विरोध करते हैं, इतने इतने बार ceasefire का उल्लंघन हुआ है, हमारे इतने इतने सैनिक शहीद होगये हैं, हम अमन की आशा रखते हैं।"
उधर से जवाब आयेगा कि "भाई पहले सबूत तो बताओ, फिर देखते हैं।"
बढ़िया दो चार फोटू खिचायेंगे, एक साइड भारत का झंडा दूसरी साइड पाकिस्तान का झंडा।
मस्त हँसते खेलते दोनों अपने अपने घर जायेंगे, और मजाक उड़ाएंगे।
भारतीय हाईकमान हंसेगा कि चलो भारतीय जनता और सैनिकों को 'टोपी' पहना दी,
और उधर पाकिस्तानी आयुक्त हंसेगा कि चलो हिन्दुस्तानियों को 'टोपी' पहना दी।
बदलेगा कुछ नहीं जनाब,
इधर हमारा खून खौलता रहेगा, उधर सीमा पर जवानों का।
मीडिया भी दो चार दिन चिल्लाता रहेगा, इतने में कोई न कोई अपने कुत्सित विचार लेकर आ जायेगा,
अपन उस पर केन्द्रित हो जाएंगे।
हम ही चुनते आ रहे हैं अपने हाईकमान को 1947 से, हम लोग तो यहाँ आराम से बैठे हैं।
हमारी गलतियों की सजा बेचारे सैनिक भोग रहे हैं।
और राजनेताओं की बात करना तो व्यर्थ ही है, इस देश में आज अगर कोई सानंद है तो बस यही लोग हैं।
आशा करता हूँ कि खुर्शीदजी ऐसा बोले " समझा लो अपने सैनिकों को कि कश्मीर हमारा है, पंगे ना लें।"
मुझे पता है मैंने बहुत बड़ी अपेक्षा रखली है,
होने क्या वाला है यह आपको भी पता है और मुझे भी पता है।
बड़ा शानदार सा भोज होगा, मस्त हिंदुस्तानी मुर्गे खिलाये जाएंगे छोटे भाइयों को,
भारतीय हाईकमान बोलेगा कि "भाई हम आपकी सेना द्वारा हमले का विरोध करते हैं, इतने इतने बार ceasefire का उल्लंघन हुआ है, हमारे इतने इतने सैनिक शहीद होगये हैं, हम अमन की आशा रखते हैं।"
उधर से जवाब आयेगा कि "भाई पहले सबूत तो बताओ, फिर देखते हैं।"
बढ़िया दो चार फोटू खिचायेंगे, एक साइड भारत का झंडा दूसरी साइड पाकिस्तान का झंडा।
मस्त हँसते खेलते दोनों अपने अपने घर जायेंगे, और मजाक उड़ाएंगे।
भारतीय हाईकमान हंसेगा कि चलो भारतीय जनता और सैनिकों को 'टोपी' पहना दी,
और उधर पाकिस्तानी आयुक्त हंसेगा कि चलो हिन्दुस्तानियों को 'टोपी' पहना दी।
बदलेगा कुछ नहीं जनाब,
इधर हमारा खून खौलता रहेगा, उधर सीमा पर जवानों का।
मीडिया भी दो चार दिन चिल्लाता रहेगा, इतने में कोई न कोई अपने कुत्सित विचार लेकर आ जायेगा,
अपन उस पर केन्द्रित हो जाएंगे।
हम ही चुनते आ रहे हैं अपने हाईकमान को 1947 से, हम लोग तो यहाँ आराम से बैठे हैं।
हमारी गलतियों की सजा बेचारे सैनिक भोग रहे हैं।
और राजनेताओं की बात करना तो व्यर्थ ही है, इस देश में आज अगर कोई सानंद है तो बस यही लोग हैं।